मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, बाइक फिसलने से युवक की मौत, खस्ताहाल रोड पर फिर उठे सवाल

मसूरी में सड़क हादसे में युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है.

मसूरी: मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हाथीपांव से करीब तीन किलोमीटर आगे झरने के पास रविवार को एक बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई. हादसे में 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोग और नियमित रूप से इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालक सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी जता रहे हैं.

हादसे में बाइक सवार की मौत: पुलिस के अनुसार सिटी कंट्रोल 112 के माध्यम से दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली मसूरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. गंभीर रूप से घायल युवक को 108 एंबुलेंस की सहायता से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान अनूप बंगवाल (32) पुत्र धर्मानंद बंगवाल, निवासी कृष्णा विहार, थानो रोड, रायपुर, देहरादून के रूप में हुई है. पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

हादसों का ‘हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा मार्ग: स्थानीय निवासी अभिषेक कुमार दीपक रावत, मोहन का कहना है कि हाथीपांव से कीमाड़ी जाने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल है. बरसात के दौरान कई स्थानों पर झरनों का पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे सड़क बेहद फिसलन भरी हो जाती है. जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़क और कमजोर किनारे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं. उनका कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन स्थायी सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए.

पर्यटन सीजन में बढ़ जाता है जोखिम: यह मार्ग प्राकृतिक झरनों और सुंदर वादियों के कारण पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. विशेषकर पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में बाइक और कार सवार यहां पहुंचते हैं. ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की कमी दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा देती है.

दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-देवेंद्र चौहान, मसूरी कोतवाल-

प्रशासन से कार्रवाई की मांग: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि कीमाड़ी मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए. फिसलन वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, क्रैश बैरियर और प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.

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