रुद्रपुर में चौंकाने वाला मामला, एक नंबर की दो कारें, चेसिस नंबर भी सेम, आधार में भी खेल! ARTO हैरान

उधम सिंह नगर के एआरटीओ कार्यालय में दोनों कारों को आमने-सामने लाया गया, मारुति कंपनी भी जांच कर रही है

रुद्रपुर: जिले के एआरटीओ कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो स्विफ्ट डिजायर कारें आमने-सामने आ गईं. मामला यहीं नहीं रुका, दोनों वाहनों का चेसिस नंबर भी हूबहू एक निकला. एक कार हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल के नाम दर्ज है, जबकि दूसरी कार नैनीताल के नीरज कुमार के नाम सामने आई.

एक नंबर की दो कारें: जांच आगे बढ़ी तो आधार कार्ड के नंबर में भी समानता मिली, लेकिन फोटो और जन्मतिथि अलग-अलग निकली. आखिर एक ही नंबर और एक ही चेसिस वाली दो कारें सड़क पर कैसे दौड़ रही थीं? अब मारुति एजेंसी की तकनीकी जांच रिपोर्ट इस पूरे खेल से पर्दा उठाएगी.

एआरटीओ में आमने-सामने आईं स्विफ्ट डिजायर: एक नंबर, दो कारें और दोनों का चेसिस नंबर भी एक. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि रुद्रपुर के संभागीय परिवहन कार्यालय में सामने आया चौंकाने वाला मामला है. एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो स्विफ्ट डिजायर कारें अलग-अलग लोगों के नाम सामने आने के बाद एआरटीओ कार्यालय में हड़कंप मच गया. मामला खुलने के बाद परिवहन अधिकारियों ने दोनों वाहन मालिकों को आमने-सामने बुलाकर कारों की जांच की. शुरुआती तकनीकी जांच में भी तस्वीर साफ नहीं हो सकी. अब असली वाहन की पहचान और पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए स्थानीय मारुति एजेंसी की तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है.

चेसिस नंबर भी निकला हूबहू एक: जानकारी के अनुसार ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल पुत्र गोपाल सिंह मंगलवार को अधिवक्ता हेमंत प्रकाश के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचे. उन्होंने शिकायत की कि यूके-06 एएन-0807 नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार उनके नाम पर पंजीकृत है. वह वाहन का बीमा नवीनीकरण कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि इसी रजिस्ट्रेशन नंबर की दूसरी कार का बीमा किसी अन्य व्यक्ति के नाम चल रहा है.

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दोनों कारों के मालिक पहुंचे एआरटीओ दफ्तर: शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने रिकॉर्ड खंगाला तो इसी नंबर की दूसरी कार नीरज कुमार पुत्र राजेंद्र, निवासी ग्राम धमोला, कालाढूंगी, नैनीताल के नाम दर्ज मिली. मामला गंभीर होने पर उप सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहित कोठारी ने नीरज कुमार को भी उनकी कार समेत एआरटीओ कार्यालय बुलाया.

एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर, एक ही चेसिस नंबर वाली कारें सड़क पर कैसे: इसके बाद दोनों कारें जब एक-दूसरे के सामने खड़ी की गईं तो अधिकारियों के सामने ऐसा मामला आया, जिसने पूरे विभाग को हैरान कर दिया. दोनों कारों का रजिस्ट्रेशन नंबर एक था. तकनीकी जांच के दौरान चेसिस नंबर भी हूबहू समान पाया गया. अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया कि एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर वाली दो कारें आखिर सड़क पर कैसे पहुंच गईं?

आधार नंबर में भी खेल: जांच के दौरान नीरज कुमार ने बताया कि हमने कार केलाखेड़ा के एक डीलर के माध्यम से खरीदी थी. डीलर ने जिस व्यक्ति से कार खरीदने की बात बताई, उसके दस्तावेजों में सहदेव कुमार पाल का आधार कार्ड भी सामने आया. यहां मामला और पेचीदा हो गया. आधार नंबर सहदेव कुमार के नाम का ही था, लेकिन आधार कार्ड पर लगी फोटो और जन्मतिथि अलग-अलग मिलीं. इससे दस्तावेजों के फर्जी इस्तेमाल की आशंका भी सामने आई.

ट्रांसफर दस्तावेज और डीलर की भूमिका की जांच: विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि वाहन पूर्व में रुद्रपुर निवासी एक चिकित्सक के नाम दर्ज था. इसके बाद वाहन अलग-अलग लोगों के नाम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई. अब वाहन के पुराने रिकॉर्ड, ट्रांसफर दस्तावेज और संबंधित डीलर की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

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मारुति की तकनीकी टीम भी कर रही जांच: स्थानीय मारुति एजेंसी की तकनीकी टीम ने दोनों वाहनों की जांच की है. विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इनमें से वास्तविक वाहन कौन सा है और दूसरे वाहन के चेसिस नंबर में किसी स्तर पर छेड़छाड़ हुई है या दोनों वाहनों के दस्तावेजों में ही कोई बड़ा खेल किया गया है.

एआरटीओ ने क्या कहा: एआरटीओ प्रशासन मोहित कोठारी ने बताया कि-

दोनों वाहनों की जांच कराई जा रही है. एक वाहन की पहचान सही पाए जाने की दिशा में जानकारी मिली है, जबकि दूसरे वाहन के चेसिस नंबर की विस्तृत तकनीकी जांच आवश्यक है. मारुति कंपनी की रिपोर्ट और पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.
-मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रशासन-

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