डाकपत्थर की 180 एकड़ बेशकीमती भूमि को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, प्रीतम सिंह के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन
भाजपा सरकार पर प्रदेश की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप, कांग्रेस बोली – भूमि बचाने के लिए सड़क से सदन तक जारी रहेगी लड़ाई
विकासनगर।
डाकपत्थर स्थित लगभग 180 एकड़ बेशकीमती भूमि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ अभियान के तहत पंजाब नेशनल बैंक के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
धरने का नेतृत्व चकराता विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किया। प्रदर्शन में पूर्व विधायक नवप्रभात, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय किशोर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, विपुल जैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शम्मी प्रकाश ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की सार्वजनिक संपत्ति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इस भूमि का उपयोग क्षेत्र के विकास, रोजगार और जनहित के कार्यों में होना चाहिए, लेकिन इसे निजी हितों के लिए खुर्द-बुर्द करने की कोशिशें दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रदेश की बेशकीमती संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर जनता की संपत्ति को निजी हितों की भेंट नहीं चढ़ने देगी। भूमि की रक्षा के लिए पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
पूर्व विधायक नवप्रभात ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन यहां के जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुआ था। लेकिन प्रदेश की बेशकीमती जमीनों को लेकर लिए जा रहे फैसले सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और इससे संबंधित निर्णयों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाएगी। जब तक भूमि से जुड़े मामले में पारदर्शिता नहीं आती और स्थानीय जनता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने कहा कि डाकपत्थर क्षेत्र का ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व है। यहां की भूमि और संसाधनों पर स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सरकार को किसी भी निर्णय से पहले क्षेत्र के लोगों को विश्वास में लेना चाहिए।
धरने को गुलजार अहमद, राकेश नेगी, विपुल जैन, संजय जैन, शशि चौहान, कुसुम कौशल, अतुल शर्मा, विकास शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, आशीष पुंडीर, फुरकान तनवीर और नितिन वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज और निर्णय सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि डाकपत्थर की 180 एकड़ भूमि को लेकर तत्काल स्थिति स्पष्ट की जाए और जनहितों को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम पर रोक लगाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरने में कालसी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, चकराता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमर सिंह, पूर्व अध्यक्ष सरदार सिंह, जिला पंचायत सदस्य दीवान, पिंकी रोहिल्ला, मुस्तकीम, पम्मी देवी, बिना चौहान, सुनीता बिष्ट, डिंपल सिंह, सूरत सिंह, जितेंद्र रावत, सोहेल पाशा, जहीद हसन, फरमान अहमद, बीडी शर्मा, सलीम अहमद, राजीव शर्मा, वाजिद अहमद, विजयपाल बिष्ट, चकराता ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
धरने के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखंड की जमीन, जल, जंगल और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
डाकपत्थर की 180 एकड़ बेशकीमती भूमि को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, प्रीतम सिंह के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन
