प्रशासन ने कहा- पुल पूरी तरह सुरक्षित, केवल एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त; 3 घंटे में मरम्मत के निर्देश, अफवाहों से बचने की अपील
देहरादून, 28 जुलाई।
प्रेमनगर क्षेत्र स्थित नंदा चौकी के समीप हाल ही में निर्मित वैकल्पिक पुल की एप्रोच रोड भारी बारिश के कारण धंस जाने से सोमवार सुबह आवागमन बाधित हो गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर पुल टूटने की खबरें तेजी से वायरल होने लगीं, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है। क्षति केवल एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण हुई है।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और तकनीकी अधिकारियों के साथ स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि तीन घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड को बहाल कर यातायात सुचारू किया जाए। साथ ही कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष बरसात में पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से नया वैकल्पिक पुल तैयार कर 12 जुलाई को जनता के लिए खोला गया था। अब लगातार बारिश के बीच एप्रोच रोड धंसने की घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि पुल सुरक्षित है और केवल संपर्क मार्ग को नुकसान पहुंचा है।
पुल नहीं टूटा, एप्रोच रोड धंसी
कोतवाली प्रेमनगर पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि पुलिया पूरी तरह सुरक्षित है। लगातार मूसलाधार बारिश के कारण पुल से जुड़ी एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया। एहतियात के तौर पर यातायात रोका गया और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर रहे डीएम
लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सुबह से ही जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करते रहे। नंदा चौकी के अलावा उन्होंने सौड़ा-सरौली मार्ग, मालदेवता, बल्दी नदी, आईटी पार्क-सहस्त्रधारा रोड तथा मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड का भी निरीक्षण किया।
सौड़ा-सरौली मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए, जबकि मलबा आने से बंद थानों मार्ग को प्रशासन ने पुनः यातायात के लिए बहाल करा दिया।
मालदेवता क्षेत्र में हर वर्ष बरसात के दौरान रपटे पर यातायात बाधित होने की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने वहां स्थायी पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
मसूरी रोड के पानीवाला बैंड क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित सड़क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को 10 से 15 दिनों के भीतर दो लेन यातायात बहाल करने तथा सुरक्षा दीवार (पुश्ता) निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, लोक निर्माण विभाग, आईआरएस प्रणाली से जुड़े विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को मानसून अवधि में 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी सड़कें या संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां तत्काल राहत एवं पुनर्बहाली कार्य कर आमजन को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पुल टूटने जैसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
