लोहिया अस्पताल पर गंभीर आरोप: पेट के इलाज के दौरान अंकित ने गंवाया हाथ, परिजनों ने मांगा न्याय

लोहिया अस्पताल पर गंभीर आरोप: पेट के इलाज के दौरान अंकित ने गंवाया हाथ, परिजनों ने मांगा न्याय
लखनऊ। फिरोजाबाद निवासी अंकित पेट का इलाज कराने करीब एक माह पहले लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे थे। अब अस्पताल में इलाज के दौरान उनका हाथ काटे जाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवार ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, अंकित अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं और उनकी तीन बहनों की शादी भी होनी बाकी है। ऐसे में हाथ गंवाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इलाज के दौरान हाथ काटे जाने का आरोप
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, पेट की बीमारी के इलाज के दौरान अंकित की हालत बिगड़ती गई और अंततः उनका हाथ काटना पड़ा। परिवार का दावा है कि हाथ को एक बार में नहीं बल्कि अलग-अलग चरणों में काटा गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और वास्तविक चिकित्सकीय कारणों का निर्धारण संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड एवं जांच के बाद ही हो सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप
परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले की जानकारी अधिवक्ताओं को होने के बाद उन्हें अस्पताल से जाने के लिए दबाव दिया जा रहा है। परिवार का यह भी आरोप है कि उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया।
इन आरोपों को लेकर पीड़ित पक्ष ने न्याय की मांग उठाई है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिवार के साथ खड़े होने का दावा
पीड़ित परिवार की ओर से मामले को सार्वजनिक करते हुए कहा गया है कि वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। अधिवक्ताओं और समर्थकों ने भी पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है।
अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि अंकित की चिकित्सकीय स्थिति क्या थी, हाथ काटने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुरूप थी या नहीं?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब मेडिकल रिकॉर्ड, विशेषज्ञ जांच और अस्पताल/स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

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