मेहरकोट में फिर प्रकृति का कहर, पहाड़ी से आया मलबा; सड़क बंद, स्कूली बच्चों समेत ग्रामीण परेशान
मेहरकोट। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मौसम के बदलते मिजाज के बीच मेहरकोट क्षेत्र में एक बार फिर प्रकृति का कहर देखने को मिला। पहाड़ी से मिट्टी और मलबा खिसककर रास्ते पर आ गया, जिससे ग्रामीणों के आने-जाने का मार्ग बाधित हो गया। मलबे के साथ कई पेड़ भी उखड़कर रास्ते के आसपास गिर गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ अन्य पेड़ भी कमजोर होकर गिरने की स्थिति में हैं, जिससे रास्ते से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चों के घर लौटने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
हालात को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण स्वयं ही सड़क से पेड़ और मलबा हटाने में जुटे हैं, ताकि किसी तरह आवागमन सुचारू रखा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के लिए कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो सका। उनका कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर गांव के विकास और पलायन पर भी पड़ रहा है।
इसी बीच कांग्रेस नेता नरेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से ऐसे आश्वासन सुनते आ रहे हैं और अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क का धरातल पर निर्माण चाहिए।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर मलबा और खतरनाक पेड़ों को हटाने तथा सड़क की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं तो वोट नहीं यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका सवाल है कि आखिर कब उनकी वर्षों पुरानी परेशानी खत्म होगी और गांव तक सड़क की सुविधा पहुंचेगी?
मेहरकोट में फिर प्रकृति का कहर, पहाड़ी से आया मलबा; सड़क बंद, स्कूली बच्चों समेत ग्रामीण परेशान
