फेसबुक पर कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर हिमाचली समाज ने कोतवाली में दी शिकायत, 150 से ज्यादा लोग पहुंचे

फेसबुक पर कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर हिमाचली समाज ने कोतवाली में दी शिकायत, 150 से ज्यादा लोग पहुंचे । विकासनगर। सोशल मीडिया पर हिमाचली समाज के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने के मामले में बुधवार को हिमाचली समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। भूपेंद्र सिंह डोगरा के नेतृत्व में 150 से ज्यादा हिमाचली समाज के लोग विकासनगर कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित फेसबुक अकाउंट और कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर पुलिस को शिकायत दी।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फेसबुक के माध्यम से हिमाचली समाज के लिए आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रचित ठाकुर ने भी दी अलग शिकायत
मामले में बहन रचिता ठाकुर, बीडीसी जीवनगढ़ ने भी अपनी ओर से अलग शिकायत पुलिस को दी। शिकायत में सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
हिमाचली समाज के लोगों ने पुलिस को कथित आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट और टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए। समाज के लोगों ने मांग की कि सोशल मीडिया अकाउंट और पोस्ट की जांच कर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जाए तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
सैकड़ों लोग रहे मौजूद
शिकायत देने के दौरान हिमाचली समाज के बड़ी संख्या में लोग कोतवाली परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान त्रिलोकनाथ, डॉ. सुभाष, चंबल, कुलवंत, राकेश गुलरिया, भीम सिंह, गौरव ठाकुर, सारांश डोगरा, राजेश डोगरा, बिन्नी ठाकुर और अंजू गुलरिया समेत समाज के कई लोग उपस्थित रहे।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन किसी भी समाज या व्यक्ति के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल शिकायत के आधार पर मामले की जांच और पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई का इंतजार है। सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों की सत्यता और उनमें किसी कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।