हरबर्टपुर सेपियंस स्कूल में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

हरबर्टपुर सेपियंस स्कूल में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, विकासनगर, देहरादून के माननीय श्री अब्दुल कय्यूम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण, सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार या असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर चुप रहने के बजाय उचित सहायता प्राप्त करना बेहद जरूरी है।

विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर राजेश जैन, रीडर; दिनेश रावत, डिप्टी नाजिर; मयंक त्यागी, एसएचओ; अधिवक्ता लोकेश; राजेश कुमार, सीएचएस तथा चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाओं से जुड़े अमित सिंह पुंडीर उपस्थित रहे। इनके साथ सुश्री सुषमा राठौर, दिलेराम और विपिन कुमार ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

विद्यालय की निर्देशिका सुश्री रश्मि गोयल और प्रधानाचार्या गीता नेगी ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व और कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया और कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विभु गोयल, विद्या जोशी, मानसी, पारुल, वंदना, सचिन पंवार, मोहित अहमद, शिवम गुप्ता, नितेश यादव और बीना शर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, सेपियंस स्कूल में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने और सुरक्षित वातावरण के महत्व को समझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।