विकासनगर में 20 सितंबर से शुरू होगा आर्य समाज का 132वां वार्षिक महोत्सव, 26 सितंबर तक होंगे विविध कार्यक्रम

विकासनगर में 20 सितंबर से शुरू होगा आर्य समाज का 132वां वार्षिक महोत्सव, 26 सितंबर तक होंगे विविध कार्यक्रम
यज्ञ, वेद प्रवचन, भजन और वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ वैदिक संस्कृति का दिया जाएगा संदेश
विकासनगर। आर्य समाज विकासनगर की ओर से आयोजित 132वें वार्षिक महोत्सव का शुभारंभ 20 सितंबर 2026 से होगा। 26 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में यज्ञ, भजन, वेद प्रवचन, स्वाध्याय सहित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दौरान प्रातःकालीन और रात्रिकालीन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को यज्ञ, भजन एवं वेद प्रवचन का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में आमंत्रित विद्वानों द्वारा वैदिक धर्म, संस्कृति और जीवन-पद्धति से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन किया जाएगा।
23 सितंबर को होगी वाद-विवाद प्रतियोगिता
महोत्सव के अंतर्गत बुधवार, 23 सितंबर को शाम 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों में वैचारिक अभिव्यक्ति एवं सामाजिक विषयों पर संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
26 सितंबर को पूर्णाहुति और समापन समारोह
महोत्सव का समापन शनिवार, 26 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित समापन समारोह एवं पूर्णाहुति के साथ होगा।
कार्यक्रम में आमंत्रित विद्वानों में वेद प्रवचन कर्ता आचार्य अंकित प्रभाकर , ऋषि उद्यान अजमेर, आचार्य डॉ. धनंजय , श्रीमद् दयानन्द आर्य ज्योतिर्मठ (गुरुकुल पौंधा), भजनोपदेशिका छवि सनातनी, बिजनौर तथा गुरुकुल पौंधा के ब्रह्मचारियों द्वारा वेदपाठ प्रमुख रूप से शामिल हैं। यज्ञ ब्रह्मा की भूमिका पुरोहित चन्दन शास्त्री निभाएंगे।
आर्य समाज की गतिविधियों और योगदान पर भी रहेगा जोर
महोत्सव के दौरान आर्य समाज की ओर से समाज में वैदिक धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार, शिक्षा, महिला सम्मान, सामाजिक जागरूकता और चरित्र निर्माण जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
आयोजकों के अनुसार बच्चों एवं बालिकाओं के उत्तम चरित्र निर्माण के लिए संस्कारशाला का निःशुल्क आयोजन, स्वाध्याय के लिए आर्य साहित्य का निःशुल्क वितरण/उपलब्ध कराना तथा पारिवारिक यज्ञ की व्यवस्था जैसे कार्य भी आर्य समाज की गतिविधियों का हिस्सा हैं।
इसके साथ ही यज्ञ सामग्री, यज्ञ कुंड और यज्ञ पुस्तकों की उपलब्धता तथा समय-समय पर विद्वानों द्वारा सत्य सनातन वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
‘यज्ञ, योग, स्वाध्याय को जीवन में अपनाएं’ का संदेश
महोत्सव के माध्यम से आर्य समाज की ओर से “यज्ञ, योग, स्वाध्याय को जीवन में अपनाएं” का संदेश दिया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रमों में सहभागिता कर वैदिक परंपरा एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया है।