उत्तरकाशी में बर्फबारी के बीच ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर CM धामी अलर्ट, सुरक्षित वापसी के निर्देश

देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई बर्फबारी के बाद ट्रैकिंग और पर्वतारोहण अभियानों में गए ट्रैकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टर्स की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव से दूरभाष पर बातचीत कर राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रैकर्स एवं पोर्टर्स की सुरक्षित वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राहत और बचाव अभियान में उपलब्ध सभी आवश्यक संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा गया है।

हाई हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले के विभिन्न उच्च हिमालयी ट्रैकिंग और एक्सपीडिशन रूट पर 136 ट्रेकर्स, पर्वतारोही और सपोर्ट स्टाफ मौजूद हैं। इनमें कालिंदी पास और ऑडेन कॉल क्षेत्र के बेस कैंप भी शामिल हैं। मौसम में सुधार के बाद प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान भी शुरू किया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक कालिंदी पास और ऑडेन कॉल क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेली रेस्क्यू की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अन्य बेस कैंपों और ट्रैकिंग रूट पर मौजूद लोगों की स्थिति पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

CM धामी ने दिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रभावित पर्यटकों और ट्रैकर्स को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ चिकित्सकीय सहायता, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने संबंधित विभागों को खराब मौसम को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतने और आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अलर्ट

जिला प्रशासन, SDRF, पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए हवाई और जमीनी स्तर पर राहत-बचाव की रणनीति बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और जरूरत के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।

फिलहाल उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान जारी है और मौसम की स्थिति के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।